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Untold Maggi Mania
Maggi has been crafted for every household name. One of the longest journeys by Nestle to change the foodie behaviour of Indian Masses as Instant Noddles in 2 minute strategy. Healthy or unhealthy, restrictions to pregnant lady and to infant due to MSG, it is not an issue. But acceptance by the masses especially the younger generation of every decade is a special untold story. Two minute strategy was a marketing gimmicks. Adding vegetables or egg or anything else as per the

Ranjeet Jaiswal
Jun 183 min read
बहु चाहिए या बाई?
हमारे मोती नगर में दो परिवार रहते हैं—एक शर्मा जी का और दूसरा वर्मा जी का। इत्तफाक देखो कि आने वाले कुछ महीनों में दोनों ही घरों में शादियाँ थीं क्योंकि दोनों के बेटों का रिश्ता पक्का हो चुका था। लेकिन भाई, दोनों परिवारों की सोच में जमीन-आसमान का अंतर था। शर्मा जी का बेटा है अमन, जो कि एक बिजनेसमैन है। शर्मा जी के घर वालों की पुरानी सोच थी कि बहू ऐसी आए जो चौका-बर्तन और घर का सारा काम संभाल ले, ताकि सास-ससुर को आराम मिले। अमन की तो अरेंज्ड मैरिज थी, तो जैसा घर वालों ने कहा, उ

Yogita
Jun 183 min read


शाकाहारी माँस
क्या आपने शाकाहारी माँस खाया है? नहीं-नहीं, शाकाहारी का माँस नहीं, शाकाहारी माँस! नहीं समझे? यदि समझ गए तो बहुत बढ़िया, और न समझे तो आगे समझ आ ही जाएगा! चिंता की कोई बात ही नहीं! क्यों, इतनी-सी बात यदि ज़िंदगी के हर मामले में आ जाए, तो कैसी सहजता हो, कैसा आराम हो! कुछ पहले से आता हो तो बहुत बढ़िया, न आता हो तो जानने-सीखने का अवसर बना है, जान लेंगे, सीख लेंगे। आपको बताता हूँ कि क्या है यह शाकाहारी माँस और कैसे आया यह मेरी ज़िंदगी में! पर उसे बताने से पहले आपसे वह एक बात साझा क

Avinash Jha
Jun 185 min read
पी-पी वाला बाजा
यह कहानी मेरी और मेरी छोटी बहन की है, जब हम दोनों बहुत छोटे थे। उस वक्त मेरी उम्र करीब 6 साल थी और मेरी बहन सिर्फ 2 साल की थी। मेरी बहन को बचपन से ही अंधेरे से बहुत ज़्यादा डर लगता था, लेकिन बचपन की नादानी में हम इस डर की गहराई को नहीं समझते थे। एक दिन दोपहर के समय हम दोनों घर में छुपन-छुपाई खेल रहे थे। सबसे पहले छुपने की बारी मेरी थी। हमारे घर में लकड़ी की छोटी-छोटी कई अलमारियां थीं, मैं फुर्ती से उनमें से एक के अंदर छुप गई। मेरी बहन ने अपनी नन्हीं आँखों से मुझे थोड़ी ही देर

Yogita
Jun 173 min read
लड़के-लड़की का भेदभाव
लड़के-लड़की का भेदभाव हमारे समाज में लंबे समय से चला आ रहा है। बचपन से ही लड़की को सिखाया जाता है कि "उनकी बेटी से कुछ सीख, वो कितनी शांत है", पर लड़के को कभी नहीं बोला जाता कि "थोड़ा झुक कर बात कर लो"। लड़की को अपने लिए बड़ों से कुछ कहना हो तो बात ज़ुबान तक ही रह जाती है, क्योंकि घर में ही यह बता दिया जाता है कि बड़े बोल रहे हैं तो बस सुनो, सवाल मत करो। उसे यह भी समझा दिया जाता है कि लड़की का चुप रहना अच्छा लगता है, और अगर वो अपने हक के लिए बोली या लड़ गई, तो लोग तुरंत कह दे

Manika Negi
Jun 152 min read
बातें
मैं बातें खूब करता हूँ और बहुत अच्छी करता हूँ। शिक्षक हो जाने में मेरे इस गुण की सार्थकता दिखती है। चलिए मेरी अनेक बातों में से आपको एक बात बताता हूँ। मुझे अपने नए स्कूल में आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे। उन कुछ दिनों में मेरे प्राचार्य महोदय को यह पता चल गया था कि यह बोलता अच्छा है और मंच पर जाने में इसे हिचक भी नहीं। उन्होंने इसी भरोसे पर एक दिन मेरे सुबह स्कूल पहुँचते ही एक ज़िम्मेदारी सौंपी। विभाग की ओर से एक आदेश आया था कि हाथ की सफाई के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक क

Avinash Jha
Jun 133 min read
मिठाई वाला भूत
यह घटना तब की है जब मैं 5 साल की थी। उस समय मैं और मेरे दादा-दादी एक साथ दूसरे घर में सोने जाते थे। जिस रास्ते से हम जाते थे उस रास्ते में एक पेड़ पड़ता था। लोगों का कहना था कि उस पेड़ पर एक चुड़ैल रहती थी। जो भी वहाँ से कुछ भी मीठा लेकर जाता था वह उसके पीछे पड़ जाती थी। यह बात 28 नवंबर की रात की है। उस रात हमारे घर में कुछ कार्यक्रम हुआ था जिसकी वजह से हमें उस दूसरे घर जाने में देर हो गई। इसलिए हम अपना खाने का सामान पैक करके उस घर की ओर चल पड़े। हमारे पास रसगुल्ले भी थे। उस

Yogita
Jun 132 min read


एक फ्रेम, एक परिवार
नौवीं के बच्चों ने ठान लिया था कि अपने सामाजिक विज्ञान के अध्यापक, A... सर को विदाई पर कुछ खास देंगे। सर अगले महीने ट्रांसफर हो रहे हैं। पूरी क्लास ने प्लान बनाया – सर की 3 साल 8 महीने की पुरानी फोटो इकट्ठी करके एक बड़ा फोटो फ्रेम बनवाया जाए। S..... और M.... ने जिम्मेदारी ली। उन्होंने सर के पुराने छात्रों से और खुद A.... सर से फोटो मांगी और फोटो जुटाईं। 15 दिन की मेहनत से बहुत सुंदर फ्रेम बन गया। फ्रेम के बीच में लिखा था – "आप हमारे रास्ते के दीपक हैं, अ.... सर।" पर AB....
Amit Dhaka
Jun 133 min read
हम और वे...
आज मेघा बहुत खुश थी क्योंकि आज उसके स्कूल में वार्षिकोत्सव था। वह खूब चहक रही थी क्योंकि आज वह मंच पर डांस करने वाली थी। कई दिन से वह अभ्यास कर रही थी अपने फ्रैंड्स के साथ। स्कूल में, घर में, जब भी मौका मिलता वह डांस की प्रैक्टिस किया करती। आज वह अवसर था कि अपनी कला को वह मंच पर प्रस्तुत करे। आज उसकी नींद भी बड़ी जल्दी टूटी थी या यूँ कहिए कि शायद वह पिछली रात ठीक से सोई ही नहीं! कैसे रात बीती पता ही न चला! सुबह 4:00 बजे अचानक से उसका ध्यान गया- ‘मैंने सारी चीजें रख ली हैं न?

Avinash Jha
Jun 138 min read
फिर ऐसा क्यों?
एक नन्ही–सी बालिका के नयनों में थे अश्रु भरे। और साथ में थे उसके न जाने कई प्रश्न खड़े। करीब पहुँचकर मैंने पूछी उससे उसकी व्यथा। नयन मेरे भी भर आए सुन उसकी करुण कथा। पूछा उसने - हे गुरुवर यह अल्ट्रासाउंड क्या होता है? मैंने भींच उसे अंकों में कहा - प्रश्न पूछने को कोई रोता है! पर कॉंपते होठों ने उसके प्रश्न वही दोहराया। आशंकित हो सिहर उठा मैं, और धीरे से बतलाया - 'यह है चमत्कार विज्ञान का, छुपी बात बताता है। क्या है शरीर के भीतर, बाहर ही यह दिखलाता है।' 'पर यह कैसा चमत्कार ह

Avinash Jha
Jun 122 min read
ठक-ठक
शायद वह रविवार का दिन था। मैं भैया के साथ उनके दोस्तों से मिलने गया। जगह का नाम तो याद नहीं आ रहा। पर वह जगह थी दिल्ली में ही! जब हम उनके कमरे के दरवाजे पर पहुँचे तो देखा वे कुछ दोस्त ज़मीन पर बैठे हुए अपने सामने रखी टीवी पर नज़रें गड़ाए हुए थे। चूँकि यह नब्बे के दशक की बात है तो उस समय के लोग जानते होंगे कि टीवी कैसा हुआ करता था…वही बक्से वाला! उस तरह के टीवी को CRT टीवी के नाम से आजकल के लोग गूगल पर सर्च करके जान सकते हैं। तो आखिर उस टीवी पर ऐसा क्या चल रहा था कि नज़रें उस प

Avinash Jha
Jun 95 min read


मेरा मासूम भाई
बचपन में मेरे भाई के साथ एक बड़ी मजेदार घटना घटी थी। मेरा भाई तब 3 साल का ही था। मेरे पापा और मामा कार्तिक को चलना सीखा रहे थे, पर वह चल ही नहीं रहा था। मैं अंदर कमरे में पढ़ रही थी। मुझे भी उसे देखना था चलते हुए। मैं कमरे से झाँकने लगी। काफी कोशिश करने के बाद पापा और मामा थक गए। उनकी हालत तो बिल्कुल टाइट हो चुकी थी! उन्हें देखकर मुझे तो इतनी हँसी आ रही थी, इतनी हँसी आ रही थी कि मत ही पूछो! फिर अचानक कार्तिक खड़ा हुआ और चलने लगा। सब तालियाँ बजा रहे थे। मैं आश्चर्य में थी और स
Himani
Jun 82 min read
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