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Poems
Being poetic about Life
फिर ऐसा क्यों?
एक नन्ही–सी बालिका के नयनों में थे अश्रु भरे। और साथ में थे उसके न जाने कई प्रश्न खड़े। करीब पहुँचकर मैंने पूछी उससे उसकी व्यथा। नयन मेरे भी भर आए सुन उसकी करुण कथा। पूछा उसने - हे गुरुवर यह अल्ट्रासाउंड क्या होता है? मैंने भींच उसे अंकों में कहा - प्रश्न पूछने को कोई रोता है! पर कॉंपते होठों ने उसके प्रश्न वही दोहराया। आशंकित हो सिहर उठा मैं, और धीरे से बतलाया - 'यह है चमत्कार विज्ञान का, छुपी बात बताता है। क्या है शरीर के भीतर, बाहर ही यह दिखलाता है।' 'पर यह कैसा चमत्कार ह

Avinash Jha
5 days ago2 min read
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