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घर

Sep 27
2 min read

पूरे जीवनकाल में,

हम बहुत से घरों में रहते हैं,

और कुछ घर...

हममें भी रहते हैं।


वो घर जो हमें छत देता है,

काफी समय लगता है,

इस घर को बनाने में,

फिर चलाने, सजाने और सँवारने में,

ज़रूरी है इस घर का ध्यान रखना,

ऐसे घरों का ध्यान रखते रहना।


पर इस घर को बनाने में,

कहीं उन्हें समय देना न भूल जाना,

जो इस मिट्टी - सीमेंट के मकान में,

अपना संसार बसाते हैं।

यहीं है जो तुम्हारे घर को घर बनाते है,

इन्हें अपना विशेष समय,

प्यार और दुलार देते रहना।


एक शरीर रूपी घर भी है,

जो हमें मिला है इस जीवनकाल के लिए।

कहीं बाकी घरों को बनाने में,

इस घर को न भूल जाना।

इस घर का भी पूरा रख-रखाव रखना,

इसको भी अपना समय,

प्यार और दुलार देते रहना।


कुछ घर तुममें भी रहते हैं,

कुछ बातें जो तुममें घर कर गई हैं।

उन्हीं को अपने अंदर जगह बनाने देना,

जहाँ जाकर तुम्हें सुकून मिले, खुशी मिले|

जो सुकून देते हो,

उन घरों का पूरा रख-रखाव रखना,

उन्हें अपना समय,

प्यार और दुलार देते रहना।


कुछ लोगों के दिलों में भी,

तुमने घर बना रखा है,

और कुछ लोगों ने तुम्हारे दिलों में,

ऐसे जिन घरों की तुम्हें पूरी जानकारी हो,

उनका पूरा रख-रखाव रखना।

इन घरों में आते-जाते रहना,

बहुत महँगे हैं ये घर,

इस भौतिकवादी दुनिया में,

कहीं कुछ घर छूट न जाएँ,

रख-रखाव की कमी से,

इन घरों को भी सँजोए रखना,

इन घरों को भी अपना प्यार,

समय, भाव और दुलार देते रहना।


इन सब घरों को बनाए रखना,

और ये सब घर...

जिन ईश्वर की कृपा से मिले हैं,

उसके घर को भी याद करते रहना।

बाकी घरों के साजो-सामान सँजोते-सँजोते,

वो सामान भी धीरे-धीरे सँजोते रहना,

जो एक दिन उसके घर ले जाना है।

इस घर का भी ख्याल रखते रहना,

इसे भी अपना प्रेम, श्रद्धा और सम्मान देते रहना।


अपने सभी घरों का खूब ख्याल रखना,

रख-रखाव रखना।

इन घरों के रख-रखाव में,

मुझसे कुछ लापरवाहियाँ हो गई हैं,

तुम वो लापरवाहियाँ मत करना।

अपने सभी घरों को अपना प्यार,

समय और दुलार देते रहना।


अपने सभी घरों को अपना प्यार, समय और दुलार देते रहना...



 
 
 

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